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दुर्ग। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई लगातार जारी है। शुक्रवार को एसीबी ने दुर्ग के स्मृति नगर चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक रामकृष्ण सिन्हा को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। केमिकल लगे नोटों के माध्यम से यह कार्रवाई की गई।
छात्र ने की थी शिकायत
प्रकरण में शिकायतकर्ता बी-फार्मा का छात्र है, जो नेहरू नगर, दुर्ग में निवास करता है। उसने एसीबी, रायपुर में शिकायत दर्ज करवाई थी कि कुछ दिनों पहले हुए एक विवाद को लेकर उसकी शिकायत थाने में लंबित थी। जांच के दौरान प्रधान आरक्षक रामकृष्ण सिन्हा ने मामले को नस्तीबद्ध करने के एवज में 20,000 रुपये रिश्वत की मांग की।
छात्र रिश्वत देने के बजाय भ्रष्टाचार के इस मामले का खुलासा करना चाहता था। शिकायत की सत्यता की जांच के बाद एसीबी ने आरोपी प्रधान आरक्षक को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप ऑपरेशन के जरिए गिरफ्तार कर लिया।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
एसीबी के डीएसपी स्तर के अधिकारियों ने मामले की निगरानी की। प्रार्थी द्वारा रिश्वत की पहली किश्त देने के दौरान आरोपी प्रधान आरक्षक के हाथों पर केमिकल लगा था, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी ने मौके पर ही आरोपी को दबोच लिया।