महासमुंद। छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। 7 से 29 जनवरी के बीच पुलिस ने 8 अलग-अलग मामलों में करीब 7.86 करोड़ रुपये का गांजा और नशीली सिरप जब्त की है। इस मामले में यूट्यूबर स्टार Akash Jadhav सहित कुल 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र निवासी आकाश जाधव इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना था। सोशल मीडिया पर वह सांपों के रेस्क्यू से जुड़े वीडियो बनाकर लोकप्रियता हासिल कर चुका था। उसके यूट्यूब चैनल पर 5.68 मिलियन सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर 3.17 लाख फॉलोअर्स हैं।
सांप रेस्क्यू की आड़ में चला रहा था नशे का कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया है कि आकाश जाधव ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा परिवहन का संगठित नेटवर्क चला रहा था। पुणे के एक मामले में वह पिछले 6 महीने से फरार था। हाल ही में एम्बुलेंस के जरिए गांजा तस्करी की जो खेप पकड़ी गई थी, वह भी इसी नेटवर्क से जुड़ी हुई पाई गई है।
फॉर्च्यूनर कार समेत संपत्ति जब्त
महासमुंद और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आकाश जाधव की फॉर्च्यूनर कार समेत करीब डेढ़ लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि तस्करी के लिए कार, एम्बुलेंस और अन्य वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
कोमाखान थाना क्षेत्र में सबसे बड़ी बरामदगी
कोमाखान थाना क्षेत्र में पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। यहां से 950 किलो गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 4.75 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में महाराष्ट्र के जालना जिले के परिवहनकर्ताओं के साथ मुख्य व्यवस्थापक प्रदीप मुसदवले को गिरफ्तार किया गया है।
520 किलो गांजा और सोनवाने परिवार की गिरफ्तारी
एक अन्य मामले में पुलिस ने 520 किलो गांजा (कीमत करीब 2.60 करोड़ रुपये) बरामद किया है। इसमें पुणे के कुख्यात सोनवाने परिवार के रामदास सोनवाने, कुनाल सोनवाने और प्रतीक सोनवाने को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही ओडिशा के कालाहांडी जिले के सप्लायर रंजन दुर्गा को भी पुलिस ने पकड़ लिया है।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े और बड़े नामों के सामने आने की संभावना है। महासमुंद पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
