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कोरबा। जिला सेनानी कार्यालय द्वारा जारी किए गए एक आदेश ने नगर सैनिकों में हड़कंप मचा दिया है। जनरल परेड में अनुपस्थित रहने के कारण 127 नगर सैनिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई को लेकर सैनिकों में आक्रोश देखा जा रहा है। मामला ब्रिटिश काल से लागू परेड नियमों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर सवाल उठाने लगा है।
Sai Sarkar Surrender Policy : साय सरकार की सरेंडर नीति का बड़ा असर, नक्सल संगठन में मची भगदड़
हर सप्ताह दो दिन होती है जनरल परेड
जिला सेनानी कार्यालय में सप्ताह में दो दिन—सोमवार और गुरुवार—को जनरल परेड आयोजित की जाती है। हाल ही में परेड में गैरहाजिर रहे सैनिकों को नोटिस जारी करते हुए अलग-अलग तिथियों में कार्यालयीन समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला नगर सैनिकों की बढ़ी समस्या
कई महिला नगर सैनिक जिला मुख्यालय से काफी दूरी पर तैनात हैं। उन्हें परेड में शामिल होने के लिए एक दिन पहले ही जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है, जिससे न केवल यातायात का खर्च बढ़ता है, बल्कि मानसिक तनाव और शारीरिक थकान भी होती है। कई महिला सैनिक मां भी हैं, जिनके लिए बच्चों की देखभाल करते हुए परेड में शामिल होना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
छूट के बाद भी नोटिस, बढ़ा विरोध
जानकारी के अनुसार, कुछ महिला सैनिकों को छूट दी गई थी, बावजूद इसके उन्हें भी नोटिस जारी किए गए। इससे नाराज़ होकर कई महिला सैनिक 18 दिन की छुट्टी पर चली गईं।
जारी किए गए नोटिसों पर जिला सेनानी कार्यालय में पुरुष और महिला सैनिकों से एक ही स्थान पर हस्ताक्षर कराए गए, जिससे नाराज़गी और बढ़ गई है।

