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जशपुर विगत दस वर्षों से जीवन ज्योति स्कूल कोकियाखार के प्रांगण में विधवा अनाथ एवं बुजुर्गों के सम्मान में बड़े धूमधाम से प्रत्येक वर्ष कार्यक्रम आयोजित की जाती है। इसी क्रम में इस वर्ष भी विद्यालय द्वारा विधवा अनाथ एवं बुजुर्गों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित की गई जिसमें शाला के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु वंदना से हुई, जिसके बाद नन्हे मुन्ने बच्चों के द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य, पंथी नृत्य,डांडिया नृत्य,गरबा नृत्य,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ संदेश के साथ नुक्कड़ नाटक बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के पश्चात बच्चों को पुरस्कार वितरण किया गया।साथ में जीवन ज्योति स्कूल की ओर से विधवा अनाथ एवं बुजुर्गों के लिए गर्म कपड़ों का वितरण किया गया। और उन्हें सम्मानित किया गया विगत दस वर्षों से अनाथ बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा के साथ भरण पोषण का खर्च भी संस्था द्वारा किया जाता है।मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है। मुंशी प्रेमचंद ने कहा था।”सेवा भाव, नम्रता और जीवन की सरलता, असली डिग्री है।अगर शिक्षा प्राप्ति के बाद यह सब नहीं मिला, हमारी आत्मा जागृत नहीं हुई तो कागज़ की डिग्री व्यर्थ है।”इस अवसर पर रत्ना पैंकरा सचिव अरूण शाह, सरपंच नूरपति पैंकरा, शाला विकास समिति अध्यक्ष जनक प्रसाद पैंकरा। स्कूल प्रबंधक एस.कुजूर प्रधान पाठक बालकृष्ण देशवारी, प्रधान पाठक जसिन्ता पन्ना उ.श्रेणी शिक्षिका प्रियंका भगत ,सोनामती नाग, करूणा एवं सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।