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सक्ती। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जमीन की गाइडलाइन दरों में बेतहाशा वृद्धि किए जाने के विरोध में आज सक्ती जिले में प्रॉपर्टी संघ सक्ती के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहनकर और हाथों में काले गुब्बारे लेकर सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मुख्य रूप से अग्रेशन चौक में एकत्रित होकर जमीन व्यापार से जुड़े लोगों एवं आम नागरिकों ने सरकार से “काला कानून” वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया, जिसकी प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सक्ती एवं उप पंजीयक कार्यालय सक्ती को भी दी गई। इसके बाद एसडीएम कार्यालय एवं कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विधिवत ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की ओर से आज कुछ नियमों में बदलाव के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन इन आदेशों से व्यापारी वर्ग संतुष्ट नहीं है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय जो शिथिल नियम लागू थे, उन्हें भाजपा सरकार के आते ही समाप्त कर दिया गया, जिससे आम जनता को रजिस्ट्री खर्चे का भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। अब नए-नए बेतुके नियम लाकर सरकार जनता और जमीन व्यापार से जुड़े लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
प्रॉपर्टी संघ के अध्यक्ष राहुल अग्रवाल ने कहा कि सरकार को व्यापार और व्यवसाय सुचारू रूप से चलाने के लिए नियमों को सरल और शिथिल बनाना चाहिए तथा आम जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए निर्णय लेना चाहिए।
नगर पालिका अध्यक्ष एवं संघ संरक्षक श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा कि सरकार को इस फैसले को तत्काल वापस लेना चाहिए और जनता को अनावश्यक फरमान जारी कर परेशान नहीं करना चाहिए।
किसान कांग्रेस अध्यक्ष सदेश्वर गबेल ने कहा कि गरीब किसान अपनी बेटी की शादी या पारिवारिक जरूरतों के समय यदि अपनी जमीन नहीं बेच पाएंगे, तो ऐसी जमीन का क्या लाभ? सरकार के इस फैसले का हम पुरजोर विरोध करते हैं।
इस आंदोलन को सफल बनाने में प्रमुख रूप से अध्यक्ष राहुल अग्रवाल, संरक्षक श्याम सुंदर अग्रवाल, जगदीश बंसल, आनंद अग्रवाल, सोनू कुरैशी, कालू रघुनाथ, राजेश बाबा, मोनू एमके, रमेश देवांगन, प्रेम देवांगन, गोलू सीडी, नरेश बाबा आटा, हरीश कालू, बबलू कुरैशी, सफीक खान, मिन्ना ठाकुर, संजय बंसल, संजय बिहारी, चन्द्र कुमार सोनी, राजकुमार अग्रवाल, विकाश, मनोज, कृष्णा, प्रकाश ट्रॉली, अमन, चंद्रमणि, बबलू, सत्येंद्र, सुभाष सहित सैकड़ों की संख्या में आमजन मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही इस फैसले को वापस नहीं लेती तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा