Sunday, January 18, 2026

सनातन विरोधी बयान पर उदयनिधि बोले- माफी नहीं मांगूंगा:मेरा उद्देश्य हिंदुओं की दमनकारी प्रथाओं को बताना था; सनातन को डेंगू-मलेरिया बताया था

Must Read
Getting your Trinity Audio player ready...

चेन्नई  तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने सनातन को बीमारी बताने वाली टिप्पणी पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है। उन्होंने सोमवार को चेन्नई में एक इवेंट में कहा कि मैंने सनातन को लेकर वही बातें कहीं, जो पेरियार, अन्नादुराई और करुणानिधि भी कहते थे।

उदयनिधि ने कहा कि मेरे बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। तमिलनाडु समेत देशभर में कई कोर्ट केस भी हुए। मुझे माफी मांगने के लिए भी कहा गया, लेकिन मैं कलैगनार (कला के विद्वान) का पोता हूं। मैं माफी नहीं मांगूंगा।

मेरी टिप्पणियों का उद्देश्य महिलाओं के प्रति कथित दमनकारी प्रथाओं को बताना था। हिंदू धर्म में महिलाओं को पढ़ने की अनुमति नहीं थी। वे अपने घर से बाहर नहीं जा सकती थीं और अगर उनके पति मर जाएं तो उन्हें भी मरना पड़ता था। पेरियार ने इन सबके खिलाफ आवाज उठाई थी।

प्टी CM स्टालिन ने आरोप लगाया कि राज्य में हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा- तमिलगान में हाल ही में किए गए बदलाव इन कोशिशों के सबूत हैं। दूरदर्शन के तमिल कार्यक्रम के दौरान राज्य गान से कुछ शब्दों को जानबूझकर हटा दिया गया था।

तमिलनाडु में कोई डायरेक्टली हिंदी नहीं थोप सकता, इसलिए वे तमिल गान से कुछ शब्द हटा रहे हैं। वे नई शिक्षा नीति के माध्यम से भी हिंदी थोपने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे सभी फेल हो जाएंगे।

उदयनिधि स्टालिन ने 2 सितंबर 2023 को एक कार्यक्रम में सनातन धर्म के खिलाफ बयान दिया था। बयान देने के 4 दिन बाद यानी 7 सितंबर को उन्होंने पहली बार सफाई दी। उन्होंने कहा था, ‘मैं किसी भी धर्म का दुश्मन नहीं हूं। मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया।

उन्होंने कहा था कि मैं हिंदू धर्म नहीं सनातन प्रथा के खिलाफ हूं। तमिलनाडु में पिछले 100 सालों से सनातन धर्म के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। हम अगले 200 सालों तक भी इसके खिलाफ बोलना जारी रखेंगे। अतीत में कई मौकों पर अंबेडकर, पेरियार भी इसके बारे में बोलते रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च को उदयनिधि स्टालिन को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि स्टालिन ने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है। स्टालिन कोई आम आदमी नहीं है। उन्हें बयान के नतीजों के बारे में सोचना चाहिए था।

  1.  उदयनिधि स्टालिन 23 मार्च को पीएम मोदी पर राज्य सरकार को फंड एलोकेट करने में भेदभाव का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा- पीएम को 28 पैसा पीएम बुलाना चाहिए। तमिलनाडु केंद्र 1 रुपया देता है तो केंद्र हमें 28 पैसे ही लौटाता है।
  2. उदयनिधि ने 20 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में न बुलाए जाने को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था- राष्ट्रपति मुर्मू को इसलिए नहीं बुलाया गया, क्योंकि वो विधवा हैं और आदिवासी समुदाय से आती हैं।

तमिलनाडु में राज्यपाल आरएन रवि और CM एमके स्टालिन के बीच एक विवाद हो गया। मामला तमिलगान से द्रविड़ शब्द हटवाने के आरोप से जुड़ा है। जिसके बाद CM ने PM मोदी से राज्यपाल को हटाए जाने की मांग की है। CM ने उन्हें आर्यन कहा। उन पर देश और तमिलनाडु की एकता का अपमान करने का आरोप भी लगाया।

Latest News

*सक्ती: जिला प्रशासन की कड़ी कार्रवाई: धान खरीदी में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त, पटवारी शेरसिंह राठिया निलंबित*

सक्ती, 17 जनवरी 2026//धान खरीदी वर्ष 2025–26 के अंतर्गत जिले में पारदर्शी, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के...

More Articles Like This