कोरबा। रंगों के महापर्व होली के अवसर पर जहां शहरभर में गुलाल और रंगों की धूम रही, वहीं कोरबा पुलिस ने अपनत्व, मानवता और प्रकृति संरक्षण का अनूठा उदाहरण पेश किया। जिला पुलिस के अधिकारियों ने प्रशांति वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ सादगी और सम्मान के साथ होली मनाई। इस दौरान प्राकृतिक फूलों से होली खेलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस अधिकारियों ने रासायनिक रंगों का उपयोग न करते हुए फूलों से होली खेली। इससे न केवल जल और वायु प्रदूषण से बचाव का संदेश दिया गया, बल्कि पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने की अपील भी की गई। इस ईको-फ्रेंडली पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

प्रशांति वृद्धाश्रम में मौजूद बुजुर्गों के बीच पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने उन्हें परिवार जैसा स्नेह दिया। अधिकारियों ने बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया और उनके साथ समय बिताकर होली की खुशियां साझा कीं। लंबे समय से अपनों से दूर रह रहे वृद्धजनों के चेहरों पर पुलिस के इस व्यवहार से मुस्कान लौट आई।


इस अवसर पर एएसपी लखन पटले, एडिशनल एसपी कटघोरा नीतिश ठाकुर, सीएसपी कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी और कुसमुंडा थाना प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पांडेय सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। बुजुर्गों का सम्मान और प्रकृति का संरक्षण ही सच्चे अर्थों में त्योहार की भावना को जीवित रखता है।
कोरबा पुलिस की इस संवेदनशील पहल की प्रदेशभर में सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि इस तरह के प्रयास समाज में पुलिस के प्रति विश्वास और अपनत्व को और मजबूत करते हैं।
