ई-मेल में सुसाइड अटैक का जिक्र: सुरक्षा घेरे में पूरा कैंपस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावर ने ई-मेल के जरिए हाईकोर्ट परिसर में विस्फोट करने की चेतावनी दी। पुलिस के आला अधिकारी, बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वाड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा के मद्देनजर कैंपस के प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। वकीलों, कर्मचारियों और याचिकाकर्ताओं को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की साइबर सेल टीम ई-मेल के सोर्स और आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई है।
अधिकारियों के बयान और साइबर जांच
पुलिस सूत्रों का कहना है कि ई-मेल की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। यह पहली बार नहीं है जब राज्य के न्यायालयों को इस तरह की धमकियां मिली हैं; इससे पहले जनवरी 2026 में भी राजनांदगांव, दुर्ग और बिलासपुर जिला अदालतों को इसी तरह के फर्जी ई-मेल भेजे गए थे।
“धमकी भरा ई-मेल मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया गया है। हमारी टीमें कैंपस की बारीकी से जांच कर रही हैं। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल भेजने वाले का पता लगा रहे हैं। घबराने की जरूरत नहीं है, स्थिति नियंत्रण में है।”
— जिला पुलिस अधिकारी, बिलासपुर
हादसे की आशंका के चलते हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए आने वाले लोगों की संख्या को नियंत्रित किया जा रहा है। किसी भी लावारिस वस्तु को न छूने और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सूचित करने की अपील की गई है। सुरक्षा जांच पूरी होने तक कैंपस में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इसे “होक्स कॉल” मानकर भी ढिलाई नहीं बरत रही है।
