अंधेरे में डूबा शहर, सड़कों पर हेडलाइट का सहारा
मंगलवार की दोपहर आम दिनों की तरह शुरू हुई थी, लेकिन दोपहर 1:30 बजे के बाद बादलों ने सूरज को पूरी तरह ढक लिया। टीपी नगर, निहारिका और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानदारों को लाइटें जलानी पड़ीं। सड़कों पर चल रहे दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक दोपहर 2:15 बजे हेडलाइट जलाकर सफर करने को मजबूर दिखे। बिजली की भीषण कड़क ने लोगों को घरों और सुरक्षित ठिकानों में दुबकने पर मजबूर कर दिया।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का अनुभव
“अचानक से इतना अंधेरा छा गया कि कुछ समझ ही नहीं आया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि दुपहिया चलाना मुश्किल हो गया। हमने अपनी दुकान की लाइटें दोपहर में ही जला ली थीं।”
— राजेश साहू, स्थानीय दुकानदार, टीपी नगर कोरबा
इस अचानक हुई बारिश और तेज हवा के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली गुल होने की खबरें आ रही हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों और दफ्तर से घर जाने वाले लोगों को जलभराव और कम दृश्यता (Visibility) के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों तक जिले के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने नागरिकों को कड़कती बिजली के दौरान ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
