नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने तकनीक से लेकर सामाजिक सरोकार तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। पीएम ने दिल्ली में आयोजित ‘ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट’ की सफलता का जिक्र करते हुए भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत का लोहा माना, साथ ही केरल की एक नन्ही बच्ची का उदाहरण देकर देशवासियों को अंगदान के लिए प्रेरित किया।
AI समिट: “भविष्य की दिशा तय करेगा भारत”
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट’ में कई देशों के नेता, टेक दिग्गज और इनोवेटर्स शामिल हुए।
अमूल का उदाहरण: पीएम ने समिट में दिखाए गए अमुल (Amul) के उस AI मॉडल की चर्चा की, जो पशुओं के स्वास्थ्य और डेयरी मैनेजमेंट में किसानों की 24/7 मदद कर रहा है।
सांस्कृतिक विरासत: उन्होंने बताया कि कैसे AI की मदद से हमारे प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों को आधुनिक भाषा में अनुवादित कर संरक्षित किया जा रहा है।
केरल की आलिन की कहानी: अंगदान की प्रेरणा
प्रधानमंत्री भावुक होते हुए केरल की 10 महीने की आलिन शेरीन अब्राहम का जिक्र किया। एक दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड घोषित होने पर आलिन के माता-पिता ने उसके अंग दान करने का फैसला किया।
“एक नन्हीं सी बच्ची, जिसका पूरा जीवन सामने था, वह जाते-जाते 5 लोगों को नई जिंदगी दे गई। यह साहसिक फैसला मानवता के लिए एक बड़ी मिसाल है।” – पीएम मोदी
राजाजी उत्सव और पंच-प्राण
पीएम ने घोषणा की कि 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। उन्होंने इसे ‘गुलामी की मानसिकता’ से मुक्ति के ‘पंच-प्राण’ का हिस्सा बताया।
