रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य सेवा के सात अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत किया गया है। इस संबंध में भारत सरकार का कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी है। वर्ष 2024 की चयन सूची के तहत राज्य सिविल सेवा के इन अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार, भारतीय प्रशासनिक सेवा (भर्ती) नियम, 1954 और भारतीय प्रशासनिक सेवा (नियुक्ति द्वारा पदोन्नति) विनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत इन अधिकारियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की गई है। इन्हें 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच उत्पन्न रिक्तियों के विरुद्ध चयनित किया गया है।
नायब तहसीलदार से IAS बनने वाले पहले अधिकारी
इन नियुक्तियों में सबसे ज्यादा चर्चा वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की हो रही है। वे छत्तीसगढ़ के पहले ऐसे अधिकारी बन गए हैं, जो नायब तहसीलदार से पदोन्नत होकर राज्य प्रशासनिक सेवा में पहुंचे और अब आईएएस बने हैं।
मूल रूप से दुर्ग जिले के निवासी पंचभाई का प्रशासनिक सफर संघर्ष और समर्पण का उदाहरण माना जा रहा है। राज्य गठन के बाद पहली बार किसी नायब तहसीलदार रैंक के अधिकारी को आईएएस कैडर मिला है।
मध्यप्रदेश काल में हुई थी शुरुआती नियुक्ति
पंचभाई का चयन 1993 में अविभाजित मध्य प्रदेश के समय पीएससी के माध्यम से नायब तहसीलदार पद पर हुआ था। विभागीय पदोन्नति के बाद वे राज्य प्रशासनिक सेवा में आए और अब आईएएस कैडर से नवाजे गए हैं।
बताया जाता है कि अविभाजित मध्यप्रदेश में भी केवल एक नायब तहसीलदार को आईएएस अवार्ड मिला था।
शिक्षा और प्रशासनिक सफर
वीरेंद्र बहादुर पंचभाई ने प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त की और उच्च शिक्षा राजनांदगांव से पूरी की। उनकी पहली सरकारी नौकरी सहायक प्राध्यापक के रूप में हुई थी।
1993 में नायब तहसीलदार बनने के बाद वे लंबे समय तक अभनपुर में नायब तहसीलदार और तहसीलदार रहे। वर्ष 2010 में राज्य प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत हुए
