सक्ती, छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक रूहकँपा देने वाला मामला सामने आया है। एक मां ने अपने मृत बेटी के बॉयफ्रेंड पर उसे जिंदा जलाने का संगीन आरोप लगाया है। गंभीर रूप से झुलसी युवती ने अस्पताल में 8 दिनों तक मौत से संघर्ष किया, लेकिन अंततः उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अब इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पीड़िता की मां ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
मामला सक्ती थाना क्षेत्र का है। परिजनों के अनुसार, युवती का अपने एक मित्र (बॉयफ्रेंड) के साथ विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान युवक ने युवती पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे आग लगा दी।
अस्पताल में हुई मौत: घटना के तुरंत बाद युवक के ही कुछ दोस्तों ने घायल युवती को अस्पताल पहुंचाया। युवती की स्थिति अत्यंत नाजुक थी और लगभग 8 दिनों तक चले इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप: मृतका की मां का आरोप है कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है। उन्होंने बॉयफ्रेंड को इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया है।
पुलिस पर गंभीर आरोप: “आदिवासी होने के कारण नहीं हो रही सुनवाई”
पीड़िता की मां ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही और भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मीडिया को बताया:
“हम आदिवासी हैं, इसलिए हमारी बात नहीं सुनी जा रही है। पुलिस पर किसी बड़े पक्ष का दबाव है, जिसके कारण वे कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। हमें थाने से भगा दिया जाता है और रिपोर्ट दर्ज करने में टालमटोल की जा रही है।”
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
पुलिस प्रशासन से निराश होकर अब दुखी मां ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से न्याय की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि:
आरोपी बॉयफ्रेंड और उसके साथियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
मामले की उच्च स्तरीय जांच हो ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
पुलिस का पक्ष
इधर, सक्ती पुलिस का कहना है कि मामला संज्ञान में है और जांच की जा रही है। मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने और बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
