Saturday, January 31, 2026

रजत जयंती महोत्सव वर्ष में श्री बालाजी मंदिर विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन, महिलाओं ने की कुमकुम पूजा, रविवार को होगा महाआरती एवं महाभण्डारा

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श्री वेंकटेश्वर स्वामी बालाजी मंदिर का 25 वां वार्षिक उत्सव रजत जयंती महोत्सव के रूप में 26 जनवरी से मनाया जा रहा है, सात दिवसीय यह उत्सव 26 जनवरी से 1 फरवरी तक बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है।
उत्सव की शुरुआत 26 जनवरी को सुबह की शुभ आराधना से हुई थी । आंध्र प्रदेश के विद्वान पंडितों की उपस्थिति में, यज्ञगृह की आराधना वेद पाठ, मंगलाशासन, विश्वक्षेना पूजा, भगवत पुण्यवाचनम, रक्षासूत्र बंधन, ऋत्विकवरण प्रधानम और अंकुर अर्पण विधान के साथ संपन्न हुई।इसके बाद दूसरे दिन भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शुक्रवार को कुमकुम पूजा का आयोजन किया गया था । साथ ही पत्रकारों के लिए विशेष भोग प्रसाद की व्यवस्था की गई थी जिनमें उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। टेंपल कमेटी के चेयरमैन वासुदेव राव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह वर्ष बालाजी मंदिर का 25 वां है,जिसे रजत जयंती महोत्सव के रूप में 26 जनवरी से 1 फरवरी तक मनाया जा रहा है । उन्होंने बताया कि इस वर्ष वार्षिकोत्सव 5 दिन की जगह 7 दिनों का मनाया जा रहा है। जिसमें 26 जनवरी को 1 करोड़ ललिता परायण का पाठ किया गया जिसमें रायपुर निवासी अरुणा पैरी माता जिन्होंने ललिता परिवार का संस्थापना किया वह इस अनुष्ठान में उपस्थित रहीं और यह उनके द्वारा किया गया 8 वां ललिता परायण पाठ था इसके बाद 9 वां पाठ वह आबुधाबी करेंगी।
वासुदेव राव ने बताया कि बालाजी मंदिर में ललिता परायण सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निरंतर चलता रहा । जिसमें महिलाएं एक के बाद एक एक करोड़ अनवरत पाठ किया। उन्होंने बताया कि शनिवार को सत्यनारायण कथा का पाठ किया जायेगा और रविवार 1 फरवरी को महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा।
ब्रेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी ने कहा कि यह हम सब के गौरव का विषय है कि हम बालाजी मंदिर के रजत जयंती वर्ष के साक्षी बने हैं । उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में जब मंदिर निर्माण की परिकल्पना की गई थी तब मंदिर के इतने भव्य निर्माण की कल्पना हुई नहीं थी। आज बालाजी मंदिर की ख्याति केवल बस्तर में ही नहीं अपितु अखिल भारतीय स्तर पर है। श्रीनिवास मद्दी ने कहा कि यह 25 वाँ वर्ष इसलिए अभूतपूर्व रहा क्योंकि इसमें छत्तीसगढ़,आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल , तेलंगाना और उड़ीसा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन लाभ लेने पहुंचे। उन्होंने स्थानीय मीडियाकर्मियों को भी मंदिर की शानदार कवरेज के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर मंदिर के स्थापना में अमूल्य योगदान देने वाले उन सदस्यों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की जो इस दुनिया में नहीं रहे।

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