कोरबा/।गणतंत्र दिवस की सुबह अक्सर बड़े मंचों, नेताओं और औपचारिक प्रोटोकॉल तक सीमित रहती है, लेकिन कोरबा जिले के सर्वमंगला स्थित पुलिस सहायक केंद्र में 77वें गणतंत्र दिवस पर जो दृश्य उभरा, उसने हर मौजूद व्यक्ति के दिल को छू लिया। यहां तिरंगा किसी वीआईपी के हाथों नहीं, बल्कि वृद्ध आश्रम में रह रहे 75 वर्षीय श्री भूपनारायण गोस्वामी जी के करकमलों से फहराया गया।

झुर्रियों भरे हाथों में थमी राष्ट्र की डोर
जब पुलिस कर्मियों ने गोस्वामी जी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया, तो उनकी आंखों में गर्व और भावुकता एक साथ छलक उठी। कांपते हाथों से जैसे ही उन्होंने तिरंगे की डोरी खींची, राष्ट्रध्वज शान से लहराया और फूलों की पंखुड़ियों की बारिश के बीच वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। यह क्षण केवल ध्वजारोहण का नहीं, बल्कि पीढ़ियों के सम्मान और सच्ची देशभक्ति का प्रतीक बन गया।

खाकी का मानवीय चेहरा
आमतौर पर सख्त अनुशासन के लिए पहचानी जाने वाली पुलिस ने इस अवसर पर अपना संवेदनशील और मानवीय रूप दिखाया। पुलिस जवानों ने गोस्वामी जी को सैल्यूट किया, मिठाई खिलाई और उनका आशीर्वाद लिया। एक बुजुर्ग, जो वृद्धाश्रम की खामोशी में जीवन गुजार रहा था, आज खुद को एक परिवार के बीच खड़ा महसूस कर रहा था।
रौशनी से सजा सर्वमंगला चौकी परिसर
गणतंत्र दिवस के इस विशेष अवसर पर सर्वमंगला पुलिस सहायक केंद्र को राष्ट्रीय त्योहार की तरह आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया था। तिरंगे के रंगों की रोशनी से जगमगाता पूरा परिसर देशभक्ति के माहौल को और भी भावुक व प्रेरणादायक बना रहा था। सुबह से शाम तक चौकी परिसर में उत्सव और अपनत्व का वातावरण बना रहा।
