रायपुर। छत्तीसगढ़ की एक साहसी बेटी की बहादुरी अब पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय बनने जा रही है। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर बालोद जिले की बेटी को राज्य वीरता सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इस बेटी ने अपनी जान की परवाह किए बिना तालाब में डूबते एक मासूम बच्चे की जान बचाकर मानवता और साहस की मिसाल पेश की थी।
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घटना ने पूरे इलाके को किया गर्वित
यह प्रेरणादायक घटना 2 अक्टूबर 2025 को बालोद जिले के गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अर्जुन्दा से लगे ग्राम मटिया में घटी। गांव के तालाब के पास खेलते समय कक्षा पहली में पढ़ने वाला एक छात्र अचानक संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में गिर गया। देखते ही देखते बच्चा डूबने लगा और मदद के लिए चीख-पुकार मच गई।
मदद को कोई आगे नहीं आया
घटना के वक्त बच्चे का भाई जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाता रहा। आसपास कुछ लोग मौजूद थे, लेकिन गहरे पानी और डर के कारण कोई भी तालाब में उतरने को तैयार नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद एक युवक ने भी जान का खतरा बताते हुए तालाब में कूदने से इनकार कर दिया।
साहस दिखाकर तालाब में कूदी बेटी
ऐसे नाजुक हालात में गांव की एक युवती ने बिना समय गंवाए तालाब में छलांग लगा दी। तैरना पूरी तरह न जानने के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और संघर्ष करते हुए बच्चे तक पहुंची। काफी मशक्कत के बाद उसने बच्चे को पकड़कर बाहर निकाला।
समय पर बची मासूम की जान
तालाब से बाहर निकालते ही बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया गया। कुछ देर बाद उसकी हालत सामान्य हो गई। यदि कुछ मिनट और देरी हो जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उस बेटी ने साहस न दिखाया होता, तो बच्चे की जान बच पाना मुश्किल था।
