प्रयागराज। प्रयागराज में माघ मेले को लेकर अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस जारी किया है। नोटिस में मौनी अमावस्या के दिन बैरियर तोड़ने और जबरन भीड़ के बीच बग्घी ले जाने को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेले से प्रतिबंधित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग ‘कालनेमि’ की तरह सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं और ऐसे तत्वों से सतर्क रहने की जरूरत है।
मेला प्रशासन का कहना है कि मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान पर्व पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। ऐसे में नियमों की अनदेखी न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित करती है, बल्कि श्रद्धालुओं की जान को भी खतरे में डालती है।
वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद समर्थकों में इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि यह संतों के सम्मान से जुड़ा मामला है। दूसरी ओर प्रशासन ने साफ किया है कि माघ मेले में सभी के लिए नियम समान हैं और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
इस घटनाक्रम के बाद प्रयागराज के माघ मेले में सियासी और धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, वहीं प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
