T20 World Cup 2026 , नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में फिनिशर की भूमिका हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है। महेंद्र सिंह धोनी की क्रिकेटिंग शैली ने फिनिशर की परिभाषा को नए आयाम दिए, लेकिन अब यूपी के छोटे से शहर से निकले Rinku Singh ने इस बहस पर विराम लगाने की शुरुआत कर दी है।
टी20 विश्व कप 2026 से पहले, रिंकू सिंह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20आई सीरीज के पहले मैच में जो प्रदर्शन किया, उसने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचित कर दिया। उनके आक्रामक और संयमित खेल ने धोनी की याद ताजा कर दी। रिंकू ने कम समय में बड़े शॉट्स लगाए और टीम को मुश्किल परिस्थितियों में जीत की राह दिखाई।
पूर्व क्रिकेट दिग्गजों ने भी उनके प्रदर्शन की तारीफ की, लेकिन कुछ ने टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि अगर रिंकू को सही मौके और जिम्मेदारी दी जाए, तो वह धोनी की तरह मैच खत्म करने की कला में माहिर बन सकते हैं। खासकर फिनिशिंग के दौरान उनके शांत और आत्मविश्वासी रवैये ने क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया।
रिंकू सिंह की यह पारी सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि टीम इंडिया के लिए एक संकेत है। यह दिखाती है कि भारतीय क्रिकेट के युवा खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों में भी दमदार प्रदर्शन कर सकते हैं। उनके स्ट्राइक रेट और नाबाद पारी ने साबित कर दिया कि फिनिशर की भूमिका में नई पीढ़ी उतनी ही प्रभावशाली है जितनी धोनी की थी।
टीम मैनेजमेंट के लिए यह चुनौती भी है कि वे रिंकू जैसी प्रतिभाओं को सही समय पर जिम्मेदारी दें और उन्हें खेलने की पूरी आज़ादी दें। पूर्व दिग्गज का मानना है कि अगर युवा खिलाड़ियों को भरोसा और मौके मिलें, तो भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप में भी जबरदस्त प्रदर्शन कर सकती है।
