नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए यह दिन किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था। इंदौर में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। विराट कोहली ने भले ही अपना 54वां शतक लगाया, लेकिन टीम की हार को रोक नहीं पाए।
यह सिर्फ एक हार नहीं, बल्कि 37 साल में पहली बार भारत की घर में वनडे सीरीज हारने की शर्मनाक स्थिति है। 2024 में भी भारत ने गौतम गंभीर की कोचिंग में न्यूजीलैंड से 0-3 से टेस्ट सीरीज गंवाई थी, और अब दो साल बाद वही स्क्रिप्ट वनडे में दोहराई गई।
विश्लेषकों के मुताबिक इस हार के पीछे कई ‘विलेन’ हैं, जिन्होंने टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
भारत के 5 बड़े ‘विलेन’ जिन्होंने धोया सपना
रोहित शर्मा का फ्लॉप टॉप ऑर्डर
सलामी बल्लेबाज के बल्ले से रन नहीं निकले। उनका कमजोर प्रदर्शन टीम को शुरुआती झटके से उबरने नहीं दिया।रवींद्र जडेजा का दोनों से फेल होना
जडेजा न तो गेंदबाजी में असरदार रहे, न ही बल्ले से कोई ठोस योगदान दे पाए।मध्यक्रम की असमर्थता
विराट कोहली के शतक के बावजूद मध्यक्रम ने कोई बड़ी साझेदारी नहीं बनाई, जिससे रन स्कोर बढ़ाने में टीम नाकाम रही।फील्डिंग में लगातार चूक
कैच छोड़े गए और रन आउट के मौके गंवाए गए, जिसने Kiwi खिलाड़ियों को आसानी से बढ़त दिलाई।कौचिंग और रणनीति पर सवाल
गौतम गंभीर की रणनीति न्यूजीलैंड की योजना के सामने फेल नजर आई। प्लेइंग XI और बैटिंग ऑर्डर पर उठाए गए निर्णय नाकाम साबित हुए।
इस हार ने एक बार फिर भारत के वनडे क्रिकेट की कमज़ोरी को उजागर किया है। फैंस और विशेषज्ञ अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या टीम अगले टूर्नामेंट में इस शर्मनाक प्रदर्शन से उबर पाएगी या नहीं।
