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भारतीय नौसेना तेजी से अपनी सामरिक और तकनीकी ताकत बढ़ा रही है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार साल 2040 तक भारत दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली नौसेना वाला देश बन जाएगा। खासतौर पर परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों की संख्या के मामले में भारत बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा।
अनुमान है कि वर्ष 2040 तक भारतीय नौसेना परमाणु पनडुब्बियों के मामले में ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगी और अमेरिका, रूस और चीन के बाद शीर्ष चार समुद्री शक्तियों में शामिल हो जाएगी। वर्तमान समय में अमेरिका इस क्षेत्र में सबसे आगे है, जिसके पास 60 से 70 के बीच परमाणु पनडुब्बियां हैं। इनमें परमाणु अटैक सबमरीन और बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां शामिल हैं।
अमेरिका के बाद रूस और चीन का स्थान आता है। फिलहाल चौथे स्थान पर ब्रिटेन है, जबकि फ्रांस पांचवें स्थान पर है। भारत अपनी स्वदेशी तकनीक, परमाणु पनडुब्बी कार्यक्रम और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति के तहत लगातार नई क्षमताएं विकसित कर रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु पनडुब्बियों की बढ़ती संख्या से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ और मजबूत होगी। इससे न केवल देश की समुद्री सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य शक्ति और प्रभाव भी नए स्तर पर पहुंचेगा।