Saturday, January 17, 2026

Headache Reasons : दवाओं से नहीं, आदतों के सुधार से दूर होगा सिर दर्द और भारीपन

Must Read
Getting your Trinity Audio player ready...

Headache Reasons, नई दिल्ली, 08 जनवरी 2026 – आज की इस तेज रफ्तार जिंदगी में सिरदर्द एक ऐसी परछाई बन गया है जो लगभग हर व्यक्ति का पीछा कर रही है। हम अक्सर इसे एक मामूली शारीरिक बाधा मानकर तुरंत पेनकिलर गटक लेते हैं, लेकिन यह जल्दबाजी शरीर के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर का भारीपन केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि हमारे शरीर द्वारा दिया जाने वाला एक चेतावनी संकेत है, जो बताता है कि हमारी जीवनशैली में कहीं कुछ गंभीर रूप से गलत हो रहा है।

Lucky Singh : राजधानी रायपुर में हिट-एंड-रन केस, विधायक रेणुका सिंह के बेटे लक्की सिंह की गिरफ्तारी

आदतों के जाल में उलझा स्वास्थ्य

अक्सर हम सिरदर्द के कारणों को बाहरी दुनिया में ढूंढते हैं, जबकि इसकी जड़ें हमारी रोजमर्रा की आदतों में छिपी होती हैं। देर रात तक स्क्रीन के सामने बैठना, नींद के साथ समझौता करना और भोजन के समय में अनियंत्रित बदलाव ऐसे प्रमुख कारक हैं जो सीधे हमारे तंत्रिका तंत्र (nervous system) पर दबाव डालते हैं। जब हम इन बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज करते हैं, तो शरीर ‘स्ट्रेस हार्मोन’ रिलीज करता है, जिसका पहला लक्षण अक्सर एक टीस मारता हुआ सिरदर्द होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, निर्जलीकरण यानी पानी की कमी भी इसका एक बड़ा कारण है। दिनभर के काम के तनाव में हम पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं, जिससे मस्तिष्क के ऊतकों में संकुचन होता है और दर्द महसूस होने लगता है। ऐसे में दवा खाना केवल लक्षण को दबाना है, समस्या को जड़ से खत्म करना नहीं।

दवाइयों का मोह और उनके जोखिम

पेनकिलर का बढ़ता चलन एक चिंताजनक विषय बनता जा रहा है। बिना डॉक्टरी सलाह के ली गई दवाइयां अस्थायी राहत तो दे सकती हैं, लेकिन लंबे समय में ये लिवर और किडनी को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ ‘मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक’ का कारण भी बन सकती हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ दवा का अधिक सेवन ही नए सिरदर्द को जन्म देने लगता है।

चिकित्सकों का मानना है कि यदि हम अपनी दिनचर्या में थोड़ा अनुशासन लाएं—जैसे समय पर सोना, तनाव प्रबंधन के लिए योग का सहारा लेना और स्क्रीन टाइम को सीमित करना—तो अधिकतर मामलों में सिरदर्द की समस्या बिना किसी चिकित्सा के ही सुलझ सकती है।

विशेषज्ञों की राय

“सिरदर्द कोई जादुई समस्या नहीं है जिसे एक गोली से हमेशा के लिए खत्म किया जा सके। यह आपकी मानसिक और शारीरिक ऊर्जा के असंतुलन का प्रतिबिंब है। दवाइयों के पीछे भागने के बजाय अपनी आदतों को संरेखित करना ही असली उपचार है।”

Latest News

Naxalite Encounter : बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में 2 नक्सली ढेर

Naxalite Encounter , बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में एक बार फिर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच...

More Articles Like This