Operation Sindoor: भारत की कार्रवाई से पाकिस्तान में खौफ, जरदारी को बंकर में जाने की दी गई थी सलाह

Must Read

Operation Sindoor :  नई दिल्ली। वैश्विक मंच पर पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है। मई महीने में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा की गई सटीक और रणनीतिक सैन्य कार्रवाई के प्रभाव को अब पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने स्वयं स्वीकार कर लिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत की जवाबी कार्रवाई से न सिर्फ पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचा, बल्कि देश का शीर्ष नेतृत्व भी भय के साए में आ गया था।

CG NEWS : कोरबा रेलवे कॉलोनी का संयुक्त निरीक्षण, अधिकारियों और मजदूर कांग्रेस प्रतिनिधियों ने लिया जायजा

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने एक कार्यक्रम के दौरान खुलासा किया कि मई में भारत के जवाबी हमलों के दौरान उनके सैन्य सचिव ने उन्हें सुरक्षा कारणों से बंकर में शरण लेने की सलाह दी थी। जरदारी ने स्वीकार किया कि उस समय हालात बेहद गंभीर थे और भारतीय सैन्य कार्रवाई ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने बंकर में जाने से इनकार कर दिया था।

भारतीय ड्रोन हमलों से सैन्य ठिकानों को नुकसान
पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी साल के अंत में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में भारत की कार्रवाई को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि भारत ने रावलपिंडी के चकाला स्थित नूर खान एयर बेस को निशाना बनाया, जिससे वहां मौजूद सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा और कर्मी घायल हुए।
डार के अनुसार, भारत ने करीब 36 घंटों के भीतर पाकिस्तानी क्षेत्र में कई ड्रोन भेजे। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने 80 में से 79 ड्रोन को मार गिराया, लेकिन एक ड्रोन सैन्य प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचाने में सफल रहा। इस बयान को भारत की सैन्य क्षमता और सटीकता के रूप में देखा जा रहा है।

आतंकी शिविरों पर भी हुई कार्रवाई
इशाक डार की टिप्पणी से यह भी स्पष्ट हुआ कि मई में भारत ने पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद भारत के सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के सैन्य और आतंकी ढांचे को निशाना बनाया।
सेटेलाइट तस्वीरों में रावलपिंडी स्थित नूर खान एयर बेस, सरगोधा का पीएएफ बेस मुशफ, भोलारी वायुसेना अड्डा और जैकबाबाद स्थित पीएएफ बेस शाहबाज को हुए नुकसान के संकेत मिले हैं। इसके अलावा पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में नौ आतंकी शिविरों के ध्वस्त होने की भी पुष्टि की गई है।

    Latest News

    CG Religious Freedom Bill 2026 : छत्तीसगढ़ में ‘धर्मांतरण’ पर सर्जिकल स्ट्राइक अब सामूहिक कन्वर्जन पर उम्रकैद, ₹25 लाख का लगेगा तगड़ा जुर्माना

    सबसे सख्त सजा: सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में अब उम्रकैद तक का प्रावधान है। भारी जुर्माना: दोषी पाए...

    More Articles Like This