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CG News , बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत त्रिकुंडा गांव में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कोदो चावल खाने के बाद एक ही परिवार के छह लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को उल्टी, चक्कर और कमजोरी की शिकायत होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। बीमारों में एक 15 वर्षीय किशोर भी शामिल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, त्रिकुंडा गांव निवासी बसमतीया, देव कुमार, सुनीता, रामबकस, मिस्त्री और आकाश ने रविवार दोपहर भोजन में कोदो चावल का सेवन किया था। भोजन करने के कुछ घंटों बाद ही सभी को बेचैनी महसूस होने लगी। शाम होते-होते एक के बाद एक सभी को उल्टी शुरू हो गई और चक्कर आने लगे। स्थिति बिगड़ते देख परिजनों ने तत्काल सभी को वाड्रफनगर के सिविल अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि कोदो चावल में किसी प्रकार का विषाक्त तत्व विकसित हो गया था, जिससे यह पकने के बाद भी जहरीला साबित हुआ। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर पहुंचकर चावल के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि चावल में जहर बनने का कारण क्या था—भंडारण में नमी, फंगस या कोई अन्य रासायनिक कारण।
ग्रामीणों का कहना है कि कोदो जैसे मोटे अनाज लंबे समय तक सुरक्षित रखने पर खराब हो सकते हैं, लेकिन अक्सर इसकी सही पहचान नहीं हो पाती। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग कोदो चावल के सेवन को लेकर सतर्क हो गए हैं।