|
Getting your Trinity Audio player ready...
|
Raipur News , रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर ने प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त रुख अपनाया है। मंडल द्वारा जनवरी से दिसंबर तक की अवधि में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 24 उद्योगों की बिजली काटते हुए उनके उत्पादन पर रोक लगाई गई, जबकि 23 अन्य उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
CG NEWS : छत्तीसगढ़ बीजेपी ने ओबीसी मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, पदाधिकारियों की सूची जारी
पर्यावरण संरक्षण मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये सभी उद्योग बिना आवश्यक अनुमति, मानकों के उल्लंघन या प्रदूषण नियंत्रण उपायों को अपनाए बिना संचालित हो रहे थे। लगातार चेतावनी के बावजूद सुधार नहीं किए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था।
इसके अलावा कच्चे माल, तैयार उत्पाद या ठोस अपशिष्ट का बिना तारपोलिन से ढके परिवहन करने वाले उद्योगों और संस्थानों पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है। ऐसे 47 उद्योगों और संस्थानों के खिलाफ कुल 21 लाख 81 हजार 574 रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि खुले में सामग्री का परिवहन न केवल वायु प्रदूषण बढ़ाता है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करता है।
प्रदूषण नियंत्रण अभियान के तहत कचरा जलाने की घटनाओं पर भी सख्ती बरती गई है। विभिन्न क्षेत्रों में खुले में कचरा जलाने से वायु प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं नगर निगम क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कराया गया है। ईंट भट्ठों से निकलने वाले धुएं और धूल से आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा था।
पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में भी निगरानी और जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले उद्योगों, ईंट भट्ठों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उद्योगों से अपील की गई है कि वे पर्यावरणीय मानकों का पालन करें और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।