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कोरबा। जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत दर्री सर्किल में जंगली सुअर के हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है। तहसील कार्यालय के पीछे स्थित मणीकंचन कचरा संग्रहण केंद्र में तैनात 60 वर्षीय चौकीदार लोरिक लाल यादव पर जंगली सुअर ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, दर्री के नगोईखार श्यामनगर निवासी लोरिक लाल यादव रविवार रात अपनी ड्यूटी पर थे और सोमवार सुबह करीब सात बजे घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ बकरियां कचरा संग्रहण केंद्र में घुस गईं। बकरियों को बाहर खदेड़ने के लिए वे हाथ में डंडा लेकर थोड़ी दूर जंगल की ओर चले गए।
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बकरियों के झुंड में छिपा था जंगली सुअर
बताया जा रहा है कि बकरियों के झुंड में एक जंगली सुअर भी मौजूद था, जिसका अंदाजा चौकीदार को नहीं था। अचानक झुंड से निकलकर सुअर ने उन पर हमला कर दिया और दांतों से गंभीर चोटें पहुंचाईं।
बहादुरी से किया मुकाबला
जान बचाने के लिए लोरिक लाल यादव ने हिम्मत दिखाते हुए डंडे से खुद का बचाव किया और शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई। कुछ देर की मशक्कत के बाद वे सुअर को जंगल की ओर खदेड़ने में सफल रहे, लेकिन तब तक वे लहूलुहान हो चुके थे। हमले में उनके गले, पीठ, हाथ, जांघ और पैरों पर गहरे घाव आए हैं।
अस्पताल में भर्ती, वन विभाग ने दी सहायता
घटना की सूचना मिलने पर मणीकंचन केंद्र के सुपरवाइजर ने परिजनों को जानकारी दी। परिजन मौके पर पहुंचे और घायल चौकीदार को ऑटो रिक्शा से मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोरबा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत के निर्देश पर वन विभाग के कर्मचारी भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित को विभाग की ओर से तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई।
इलाके में दहशत
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।