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कोरबा, छत्तीसगढ़। कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र के सुतर्रा गाँव में रविवार को दोपहर ईसाई समुदाय की प्रार्थना सभा को लेकर ईसाई समुदाय और हिन्दू संगठनों के बीच जमकर बवाल हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर भारी भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद दोनों पक्षों को थाने पहुँचना पड़ा।
0 पास्टर पर बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन का आरोप
जानकारी के मुताबिक, सुतर्रा गाँव में ईसाई समुदाय के लोगों ने खेत में पंडाल लगाकर प्रार्थना सभा का आयोजन किया था, जिसका नेतृत्व पास्टर बजरंग जायसवाल कर रहे थे।
इस आयोजन की जानकारी मिलने पर सरपँच संतोषी बाई ने पुलिस को शिकायत दी।सरपँच की सूचना पर पहुँचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पास्टर बजरंग जायसवाल ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे थे।
0 निशाना बीमार और निसंतान लोग
बजरंग दल के जिला अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि पादरी जायसवाल उन लोगों को निशाना बनाते थे जो नि:संतान हैं या किसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। प्रार्थना सभा में बीमारियों को ठीक करने का दावा किया जाता था, जिससे गाँव वाले झाँसे में आ जाते थे।
0 पूर्व में भी हुआ है विरोध
ठाकुर ने यह भी बताया कि पादरी जायसवाल पहले भी इस तरह की सभाएं कर चुके हैं, जिनका विरोध होने पर उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेजा गया था।
0 थाने में दोनों पक्ष, FIR दर्ज और जाँच जारी
झगड़े और हंगामे के बाद दोनों पक्षों के लोग कटघोरा थाने पहुँचे। हिन्दू संगठन ने पास्टर जायसवाल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
0 मामला दर्ज कर जांच कर रही पुलिस : टीआई तिवारी
थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने बताया कि सरपँच की शिकायत पर बजरंग जायसवाल समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। तिवारी ने कहा कि जो भी तथ्य सामने आएँगे, कार्रवाई की जाएगी, और मामले में दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
0 हाल की घटनाएं और जरूरी है सतर्कता
कोरबा जिले में हाल के समय में ऐसी अनेक घटनाएं सामने आई हैं जहाँ धर्म परिवर्तन या धार्मिक विवादों ने तनाव पैदा किया है। यह तथ्य स्पष्ट करता है कि अब क्षेत्र की स्थिति धार्मिक संवेदनशीलता के दृष्टिकोण से काफी नाज़ुक है। लगातार हो रहे इन विवादों के बीच, पुलिस प्रशासन को इस ओर सतर्क निगाहें रखनी होंगी।
0 कड़ी निगरानी हो चुक नहीं
स्थानीय पुलिस और प्रशासन की यह ज़िम्मेदारी है कि वे न केवल शिकायत आने पर कार्रवाई करें, बल्कि ऐसी गतिविधियों को पनपने से पहले ही रोकें जो सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ सकती हैं। बार-बार के विवाद यह दर्शाते हैं कि खुफिया तंत्र और सक्रिय निगरानी में कहीं न कहीं चूक हो रही है, जिससे ऐसी स्थितियां बन रही है जो कभी भी कोई बड़ा रूप ले सकती है।
0 आंदोलन की चेतावनी
बजरंग दल के जिला अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर ये धार्मिक गतिविधियाँ जारी रहीं तो बजरंग दल की ओर से क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा। यह चेतावनी प्रशासन पर इस मामले को तुरंत और सख्ती से निपटाने का दबाव बढ़ाती है।