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Chhattisgarh Vidhaanasabha , रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। सत्र की शुरुआत रविवार 14 दिसंबर से हुई थी और पहले ही दिन सदन में सरकार के महत्वाकांक्षी छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्युमेंट 2047 पर विस्तृत चर्चा देखने को मिली। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विजन डॉक्युमेंट से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सदन के सामने रखते हुए राज्य के दीर्घकालीन विकास रोडमैप की जानकारी दी थी।
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वित्त मंत्री ने बताया कि विजन डॉक्युमेंट 2047 का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष फोकस किया गया है। सत्ता पक्ष ने इसे राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज बताया, जबकि विपक्ष ने इसके क्रियान्वयन और जमीनी हकीकत पर सवाल उठाए।
आज शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही के दौरान पहला अनुपूरक बजट पारित किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस अनुपूरक बजट में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों की अतिरिक्त जरूरतों के लिए प्रावधान किए जाएंगे। सरकार की ओर से बजट के माध्यम से अधूरी योजनाओं को गति देने और नई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने की तैयारी है।
वहीं विपक्ष की ओर से बजट को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे जाने की संभावना है। खासतौर पर महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सदन में बहस हो सकती है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वे अनुपूरक बजट में किए गए प्रावधानों की बारीकी से समीक्षा करेंगे। शीतकालीन सत्र के दौरान सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल गर्म रहने के आसार हैं। प्रदेश की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार अनुपूरक बजट के जरिए किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देती है और विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरता है।