केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण पर व्यापक परीक्षण के बाद नगरीय विकास, रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
भूखंड मूल्यांकन प्रणाली में सरलीकरण
1. इंक्रीमेंटल आधार पर गणना समाप्त
* नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की वर्तमान प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है।
* पूर्व प्रचलित उपबंध पुनः लागू होंगे।
2. स्लैब दर से मूल्यांकन की सीमा
* नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन।
* नगर पालिका में 37.5 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन।
* नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन।
* लाभ: मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
बहुमंजिला भवनों के मूल्यांकन में संशोधन
1. बिल्ट-अप एरिया को आधार
* बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान एवं कार्यालय के अंतरण पर सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना का प्रावधान हटा दिया गया है।
* अब मूल्यांकन बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा।
* यह प्रावधान लंबे समय से बदलने की मांग की जा रही थी।
2. वर्टिकल डेवलपमेंट को प्रोत्साहन
* नए प्रावधान से वर्टिकल डेवलपमेंट (ऊर्ध्वाधर विकास) को गति मिलेगी और शहरी भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।
मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान
1. बेसमेंट और ऊपरी तल पर कमी
* बहुमंजिला भवनों एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान लागू।
* बेसमेंट और प्रथम तल: 10 प्रतिशत की कमी के साथ मूल्यांकन।
* द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल: 20 प्रतिशत की कमी के साथ मूल्यांकन।
* लाभ: मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट और व्यावसायिक स्थान मिलने में मदद मिलेगी।
2. कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में दूरी पर आधारित छूट
* कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए 25 प्रतिशत कमी के साथ भूखंड की दरों का मूल्यांकन किया जाएगा।
* दूरी का आकलन: मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित हिस्से से किया जाएगा, जिससे अधिक न्यायसंगत मूल्यांकन संभव हो।
00 जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश
* केंद्रीय बोर्ड ने जिला मूल्यांकन समितियों को हाल ही में दरों में वृद्धि के बाद प्राप्त आपत्तियों, ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण करने का निर्देश दिया है।
* अंतिम तिथि: 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें।
* इन प्रस्तावों के विश्लेषण के बाद बोर्ड आगामी गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लेगा।ये सभी निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू घोषित किए गए हैं, जो राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता, पारदर्शिता और किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा प्रदान करेंगे
