कोरबा । कुसमुंडा खदान क्षेत्र में स्थानीय लोगों को रोज़गार देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा शनिवार को किए गए उग्र प्रदर्शन ने तनाव पैदा कर दिया है। प्रदर्शनकारी बलपूर्वक एसईसीएल कुसमुंडा में कार्यरत निजी कंपनी नीलकंठ डीओ वेस्ट कैंप में घुस गए, जिससे कंपनी के कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई और वे कैंप छोड़कर भाग खड़े हुए।
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पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
इस घटना के बाद कुसमुंडा पुलिस ने कैंप में अशांति फैलाने और शांति भंग करने के आरोप में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के 30 से अधिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और थाने ले जाकर उन पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। सभी प्रदर्शनकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए देर शाम तक कोर्ट में पेश किया गया।5 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
आश्वासन के बाद फिर आंदोलन
इससे पहले, स्थानीय लोगों को नौकरी देने के आश्वासन के बाद क्रांति सेना ने अपना आंदोलन वापस ले लिया था। हालांकि, संगठन का आरोप है कि बाहरी लोगों को दूसरे दरवाजे से लाकर नौकरी दी जा रही है, जबकि स्थानीय लोगों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें फिर से विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
कंपनी ने जारी किया बयान
कंपनी प्रबंधन की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि शनिवार सुबह करीब 7 बजे कैंप के आवासीय क्षेत्र में बिना अनुमति 30 से 35 लोग घुस आए और उन्होंने कर्मचारियों को धमकाकर कैंपस छोड़ने पर मजबूर कर दिया। सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और प्रदर्शनकारियों को पकड़ा।
यह पूरा घटनाक्रम स्थानीय रोज़गार की मांग और कंपनी की नीतियों के बीच चल रहे गंभीर विवाद को उजागर करता है, जिस पर प्रशासन और प्रबंधन को जल्द ही कोई स्थाई समाधान निकालना होगा
