नई दिल्ली/जोहांसबर्ग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बायकॉट के बाद भी G20 समिट के पहले दिन सदस्य देशों ने साउथ अफ्रीका द्वारा तैयार किए गए घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। समिट में अमेरिका का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ, फिर भी बैठक बिना किसी व्यवधान के आगे बढ़ी।
अमेरिका के अनुपस्थित रहने के बावजूद सर्वसम्मति
साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा कि घोषणा पत्र पर सभी देशों का सहमत होना बेहद जरूरी था। उन्होंने कहा—
“भले ही अमेरिका शामिल नहीं हुआ, लेकिन वैश्विक सहमति आज की जरूरत है। हमें आगे बढ़ना था।”
समिट के अंतिम सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्वयं आने से इनकार कर दिया था और कहा था कि उनकी जगह एक अमेरिकी अधिकारी मेजबानी संभालेगा।हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी अध्यक्षता ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
‘खाली कुर्सी’ को सौंपी जाएगी अगली अध्यक्षता
आज समिट के समापन पर अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा G20 की अगली अध्यक्षता ‘खाली कुर्सी’ को सौंपेंगे, क्योंकि 2026 की मेजबानी अमेरिका को मिली है। लेकिन ट्रम्प के बायकॉट के चलते अमेरिका का कोई भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं है।
समिट में अमेरिका की अनुपस्थिति बना चर्चा का विषय
दुनिया की सबसे प्रभावशाली आर्थिक समूह की बैठक में अमेरिका के न आने को लेकर अन्य सदस्य देशों में चर्चा रही, लेकिन इससे सामूहिक निर्णय प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई। घोषणा पत्र में वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, विकासशील देशों के हित और शांति-सुरक्षा से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी।
