कोरबा। जिले के समाजसेवी एवं अधिवक्ता दिलीप मिरी के समर्थन में स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत शिकायत-पत्र भेजा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से दिलीप मिरी के विरुद्ध झूठे एवं षड्यंत्रपूर्वक प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार शत्रुघ्न सिंह राजपूत और उसके साथियों ने दिलीप मिरी के घर में घुसकर गाली-गलौज, धमकी और भय का माहौल बनाने की घटना को अंजाम दिया। इसके बावजूद पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई न करके उल्टे समाजसेवी पर मनगढ़ंत FIR दर्ज की गई।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के वृक्षारोपण कार्यक्रम में बाधा डालने और बाद में बदले की भावना से फर्जी मामला दर्ज कराने में शत्रुघ्न सिंह राजपूत की भूमिका संदिग्ध है।
नागरिकों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दिलीप मिरी के विरुद्ध दर्ज सभी झूठे प्रकरण निरस्त कर निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही आरोपी शत्रुघ्न सिंह राजपूत और इस प्रकरण में संलिप्त पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग रखी गई है।
