Tuesday, February 24, 2026

मालखरौदा क्षेत्र में खूब छलक रहा जाम, आबकारी विभाग पर मिलीभगत का आरोप — अधिकारी बने मूकदर्शक, अवैध शराब कारोबारियों को खुली छूट

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मालखरौदा / सक्ती जिले के मालखरौदा क्षेत्र में इन दिनों आबकारी निरीक्षक के मिलीभगत से अवैध शराब बनाने व बेचने वाले लोगों के हौसले दिन ब दिन बुलंद होता जा रहा है तभी तो दीपों का त्योहार दीपावली जहां पुरे प्रदेश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया वहीं शासन के सख्त निर्देशों और “शराब मुक्त त्यौहार” के सरकारी दावों के बावजूद चारपारा, पीहरीद, जमगहन, सिंघरा, नगझर, नवापारा, कुरदी, खर्री और परसाडीह जैसे अनेक गांवों में अवैध शराब बिक्री का खुलेआम कारोबार चलता रहा।

जगह-जगह छलका जाम, आबकारी विभाग मौन

इन अंचल के गांवों में शाम रात जैसे ही अंधेरा छाया, वैसे ही गांवों की गलियों और चौपालों पर शराब का दौर शुरू हो जाता है बाइक सवार युवाओं के हाथों में बोतलें, गलियों में खुलेआम शराब पीते लोगों के झुंड और घरों के पिछवाड़े से चल रही गुप्त बिक्री — यह सब दृश्य किसी को भी चौंकाने के लिए काफी है ग्रामीणों ने बताया कि कुछ जगहों पर अवैध ब्रांड की शराब मनमाने दामों पर बेचा भी जाता है, जिसके बारे में आबकारी विभाग चुप्पी साधे हुए हैं

“साहब की मौन स्वीकृति से चलता है कारोबार” — ग्रामीणों का आरोप

पीहरीद और नगझर के ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन और आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से वर्षों से यह अवैध कारोबार चल रहा है। दीपावली जैसे पर्वों में बिक्री कई गुना बढ़ा है जो आबकारी अधिकारी की मिलीभगत को दर्शाता है ग्रामीणों ने बताया — “अगर विभाग चाहे तो एक दिन में सब बंद हो जाए, लेकिन यही खेल चलता है।”
लोगों का कहना है कि त्यौहार के अवसर पर जांच दलों की गश्त केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। वहीं ग्राम दलालपाली के यादव समाज के एक नवयुवक की निर्मम हत्या अवैध शराब पीने के लिए पैसे मांगने पर नहीं देने के कारण दो युवकों द्बारा गत 23 अक्टूबर को हत्या कर दी ऐसे और कई उदाहरण क्षेत्र के जेहन में तरोताजा रहकर दबा पड़ा हुआ है
आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल

यादव समाज के सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने आबकारी विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि त्योहारी सीजन पर जब शराब बिक्री पर निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए थी, तब विभाग पूरी तरह गायब रहा। न कोई छापा, न कोई जांच — नतीजा यह रहा कि कारोबारियों ने खुलेआम शराब बेचकर मोटी कमाई की।

वहीं स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा — “सरकार के आदेश सिर्फ कागजों पर हैं। गांवों में शराब बिक रही है और अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। प्रमुख त्योहार सीजनो की रात में शराब बिक्री पर रोक नहीं लग सकी तो बाकी दिनों की कल्पना कैसा किया जा सकता है।”

प्रशासनिक जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी

क्षेत्र के यादव समाज के प्रमुख पदाधिकारीयों व ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मालखरौदा क्षेत्र में चल रहे इस अवैध शराब कारोबार की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि कार्यवाही नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से जिला मुख्यालय पहुंचकर आंदोलन करें

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