छत्तीसगढ़ / कोरबा: अपननत्व के भाव को परिभाषित करते हुए कोरबा पुलिस ने सामाजिक कार्यो की कई बानगी प्रस्तुत किए है जो कर्तव्य के साथ साथ आमजनों के प्रति अनुरक्ति के इस भाव को समाज मे उदाहरणीय के साथ साथ अनुकरणीय प्रतीत कराता है। इसी तरह प्रशंसा से भरे समाज को प्रेरित करने वाले कार्यो के इस क्रम में कोरबा पुलिस द्वारा दीपावली के महापर्व के अवसर पर वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के साथ दीपावली के इस पर्व को मनाया गया।

अपनत्व और सामाजिक दायित्व की मिसाल पेश करते हुए कोरबा पुलिस ने इस दीपावली पर सराहनीय पहल की। कर्तव्यों की व्यस्तता के बावजूद पुलिसकर्मियों ने दीपावली का पर्व वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के साथ मनाया, जिससे समाज में सेवा और संवेदना का एक सकारात्मक संदेश गया।

कोरबा पुलिस ने दीपावली के शुभ अवसर पर स्थानीय वृद्धाश्रम का दौरा किया और वहां रहने वाले वृद्धजनों के साथ दीप जलाकर त्योहार की शुरुआत की। बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से पुलिसकर्मियों ने न केवल उन्हें मिठाइयाँ और उपहार भेंट किए, बल्कि उनके साथ बैठकर सामूहिक भोज भी किया।

इस अवसर पर वृद्धजनों ने भावुक होकर पुलिस विभाग का आभार जताया और कहा कि यह दीपावली उनके लिए वर्षों बाद कुछ खास बनी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना ही असली सेवा है और इस तरह के आयोजन से उन्हें आत्मिक संतुष्टि मिलती है।

कोरबा पुलिस की यह पहल ना केवल मानवता का उदाहरण है, बल्कि यह समाज के अन्य वर्गों को भी प्रेरणा देती है कि त्योहारों की खुशियाँ केवल अपनों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन तक भी पहुँचनी चाहिए जो अकेलेपन और उपेक्षा का जीवन जी रहे हैं।

