बिलाईगढ़। जिले में पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जो जनता की आवाज़ बनकर अवैध गतिविधियों को सामने लाता है। लेकिन बिलाईगढ़ में हाल ही में ऐसा मामला सामने आया है, जहां पुलिस के कुछ वर्दीधारी पत्रकारों पर अपनी दबंगई दिखा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले में अवैध शराब और जुए की शिकायत मिलने के बाद अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के जिला अध्यक्ष ने पुलिस और प्रशासन को इस मामले की जानकारी दी। इसके बाद थाना प्रभारी शिवधारी ने खुद को बचाने और मामले को दबाने के लिए पत्रकारों के खिलाफ फर्जी प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जिसमें उन्हें नोटिस और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई।
पत्रकार नरेश चौहान ने सरपंच की लिखित शिकायत के आधार पर अवैध शराब और कमीशनखोरी की खबर प्रकाशित की थी। खबर आने के बाद थाना प्रभारी शिवधारी ने पत्रकारों को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की।
पत्रकारों ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया। उनका कहना है कि “सच लिखना अपराध नहीं, साहस है”। जिले के पत्रकार अब उच्च अधिकारियों से मिलकर निष्पक्ष जांच और थाना प्रभारी शिवधारी के निलंबन की मांग करेंगे। यदि कार्रवाई नहीं होती है तो पूरे प्रदेश के पत्रकार सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
