गाजीपुर: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर एक वीडियो वायरल होने के बाद बैकफुट पर आ गए हैं, जिसमें उनकी पार्टी के एक कार्यकर्ता को महिला पुलिसकर्मी थप्पड़ मारती दिख रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और विपक्षी दल भी राजभर पर निशाना साध रहे हैं।
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इस मामले पर अब ओपी राजभर ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता उत्साहित होकर फोटो खिंचवाने के चक्कर में पुलिसकर्मी के पास चला गया। राजभर के मुताबिक, “हमारा कार्यकर्ता जोश में था और आगे निकलने की कोशिश कर रहा था। वहां सैकड़ों लोग थे, इसलिए महिला पुलिसकर्मी स्थिति को समझ नहीं पाईं।”
क्या था मामला?
दरअसल, गाजीपुर में सुभासपा के कार्यकर्ता एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के एक बयान के खिलाफ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन देने पहुंचे थे। इसी दौरान, एक कार्यकर्ता की महिला कांस्टेबल से बहस हो गई, जिसके बाद महिला सिपाही ने उसे कई थप्पड़ जड़ दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में महिला सिपाही कार्यकर्ता को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रही है।
‘पीला गमछा’ पर तंज
इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने ओपी राजभर के उस पुराने बयान पर तंज कसा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “जब थाने जाओगे तो इस पीले गमछे में पुलिस को ओम प्रकाश राजभर नजर आएगा।” समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
गलतफहमी के कारण हुई घटना
सुभासपा के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र राजभर ने भी इस घटना को गलतफहमी का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि एसपी कार्यालय में काफी भीड़ थी और कार्यकर्ता सिपाही व इंस्पेक्टर के बीच से गुजरने की कोशिश कर रहा था, जिससे धक्का लग गया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ता की कोई गलत मंशा नहीं थी, इसलिए वे इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
यह घटना एक बार फिर से ओपी राजभर को चर्चा के केंद्र में ले आई है और उन्हें अपने कार्यकर्ताओं के व्यवहार को लेकर सफाई देनी पड़ रही है।
