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छत्तीसगढ़ में 14 मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर अब विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इस मामले में न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, वह अंतिम और सर्वमान्य होगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस ने 14 मंत्रियों की नियुक्ति को संविधान का उल्लंघन बताते हुए उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की है।
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, संविधान के 91वें संशोधन (2003) के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रियों की संख्या विधानसभा की कुल सीटों के 15% से अधिक नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, जिसके अनुसार मंत्रियों की अधिकतम संख्या 13.5 (यानी 13) होनी चाहिए। हालांकि, हाल ही में तीन नए मंत्रियों को शामिल करने के बाद, मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या 14 हो गई है, जिसे कांग्रेस ने असंवैधानिक बताया है।
रमन सिंह का बयान
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, “यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट इस पर सुनवाई कर रहा है। न्यायालय का जो भी फैसला होगा, वह सभी के लिए अंतिम और सर्वमान्य रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि संविधान की रक्षा करना और कानून का पालन करना सभी का कर्तव्य है।
कांग्रेस की याचिका
कांग्रेस ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि 14 मंत्रियों की नियुक्ति संविधान के नियमों का उल्लंघन है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस नियुक्ति को रद्द किया जाए। इस याचिका पर उच्च न्यायालय में सुनवाई हो रही है। फिलहाल, कोर्ट ने याचिकाकर्ता से शपथ पत्र के साथ जानकारी मांगी है और राज्य सरकार से भी जवाब देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है।
रमन सिंह का यह बयान इस बात का संकेत देता है कि सरकार इस मामले में कोर्ट के फैसले का सम्मान करेगी और कानून के दायरे में रहकर ही कोई कदम उठाएगी।