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कोरबा। नगर निगम कोरबा और प्रशासन की संयुक्त टीम ने गुरुवार को मानिकपुर डिपरापारा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बने 10 मकानों और बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया। वहीं, शेष 9 मकान मालिकों को दो दिन का समय दिया गया है कि वे स्वयं अपने अतिक्रमण हटा लें।
यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद हुई, जिनमें लक्ष्मण लहरे, सीताराम चौहान, राजू सिमोन और सूरज चौहान पर करीब 1 एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लॉट काटकर करोड़ों रुपये में बेचने का गंभीर आरोप लगा है।
पीड़ितों का रोष और भरोसे का टूटना
कार्रवाई के दौरान जिन मकानों पर बुलडोजर चला, उनके मालिकों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उन्होंने यह ज़मीन रजिस्ट्री के नाम पर खरीदी थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी लक्ष्मण लहरे, सीताराम चौहान और राजू सिमोन ने उन्हें झांसे में लेकर सरकारी जमीन को अपनी बताकर 50 रुपये के स्टाम्प पर रजिस्ट्री कर दी थी।
एक पीड़ित ने आक्रोश जताते हुए कहा,
“अब हम ना घर के रहे, ना घाट के। हमारी जीवन भर की मेहनत की कमाई चली गई। धोखा देकर हमें फंसा दिया गया। अब या तो हमें पैसा वापस चाहिए, या फिर हम कानून का सहारा लेंगे।”
कार्रवाई के बाद पीड़ितों ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की और घर जाकर भी कोई नहीं मिला।