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जगदलपुर 28 अगस्त 2025/ वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश, देश का अक्सीजोन के रूप में जाना जाता है।यहाँ प्रकृति ने बहुत ही अधिक वनों की मात्रा का आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि वनों से आच्छादित इस बस्तर क्षेत्र में जन्म लेने का अवसर मिला, क्षेत्र के वनों को हमारे पूर्वजों ने सांस्कृतिक, प्राकृतिक धरोहर के रूप संरक्षित किया है । इस वनों से वनोपज, वनों के खाने योग्य फल का लाभ इन क्षेत्र में निवास करने वाले लोग ही अनुभव करते हैं इसलिए इनका संरक्षण करना हमारी ज़िम्मेदारी है। साथ ही आगामी पीढ़ी को भी इसके संबंध में जानकारी दी जानी है। वन मंत्री श्री कश्यप बुधवार को आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जामावाडा में जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे ।
कार्यक्रम में विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि वन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में लगभग तीन करोड़ 75लाख पौधे-पेड़ एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत लगाए है । जलवायु परिवर्तन और विकास की आवश्यकता के बीच हमें अपने आसपास के क्षेत्र में वनों की संख्या बढ़ाने की ज़रूरत है। बस्तर जैसे वनों से भरपूर क्षेत्र में कुछ वर्षों पहले कुलर, एसी की जरूरत नहीं पड़ती थी, ऐसे वनों को संरक्षित करना भी आवश्यक है। साथ ही माँ के नाम पर पेड़ लगाने की पहल करे और पेड़ को संरक्षित भी करें। इस कार्यक्रम में सिंदूर, कपूर, रुद्राक्ष जैसे पेड़ों का रोपण किया गया, इसका संरक्षण स्कूल के छात्रों द्वारा किया जाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आव्हान पर सभी को एक पेड़ का रोपण अपने घरों में जरूर करना चाहिए।
रजत जयंती वर्ष में आयोजित पर जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि-वन मंत्री श्री कश्यप और विधायक श्री देव, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, नगर निगम सभापति श्री खेम सिंह देवांगन, अन्य जनप्रतिनिधि श्री वेद प्रकाश पांडे, रूप सिंह मंडावी सहित सीसीएफ श्री आर दुग्गा, स्टायलो मंडावी, वन मंडलाधिकारी श्री उत्तम गुप्ता, शमा फारूखी सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि ने स्कूल परिसर में एक पेड़ माँ के नाम पर वृक्षारोपण किया। साथ ही कार्यक्रम में किसान वृक्ष मित्र योजना के वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के 1483 हितग्राहियों का 92 लाख की राशि का चेक वितरण किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी व बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और स्कूली बच्चे उपस्थित रहे ।