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केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया ₹3,000 का FASTag Annual Pass सभी एक्सप्रेसवे पर मान्य नहीं होगा। यह पास विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा संचालित टोल प्लाजा पर ही काम करेगा। इसका मतलब है कि उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख एक्सप्रेसवे, जो राज्य सरकार या निजी कंपनियों द्वारा प्रबंधित हैं, पर इस पास का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
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इन एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले की तरह ही सामान्य टोल शुल्क का भुगतान करना होगा।
इन एक्सप्रेसवे पर काम नहीं करेगा नया पास
- यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway): दिल्ली-एनसीआर को आगरा से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे NHAI के दायरे में नहीं आता है। इसका संचालन जेपी इंफ्राटेक द्वारा किया जाता है।
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra-Lucknow Expressway): यह एक्सप्रेसवे भी राज्य सरकार के उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के तहत आता है, इसलिए यहां नया पास मान्य नहीं है।
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway): लखनऊ से गाजीपुर को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे भी UPEIDA द्वारा प्रबंधित है, जिसके कारण यह पास यहां भी काम नहीं करेगा।
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway): यह एक्सप्रेसवे भी UPEIDA द्वारा संचालित है।
क्यों नहीं करेगा काम?
नया FASTag Annual Pass केवल उन राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के लिए है, जो NHAI द्वारा संचालित किए जाते हैं। जो सड़कें राज्य सरकारों, नगर पालिकाओं, या निजी कंपनियों द्वारा प्रबंधित की जाती हैं, उन पर यह पास लागू नहीं होता। इसलिए, इन मार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को अपने सामान्य FASTag वॉलेट से या कैश के माध्यम से ही टोल का भुगतान करना होगा।
यह जानकारी उन यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो इन मार्गों पर नियमित रूप से यात्रा करते हैं। टोल प्लाजा पर किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए, उन्हें इन नियमों की जानकारी होना जरूरी है।