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पेटीएम के शेयर एक बार फिर बड़ी गिरावट के चलते सुर्खियों में हैं। शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में कंपनी की पेरेंट फर्म वन97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में करीब 10% तक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की वजह सरकार की ओर से दिया गया वह बयान है, जिसमें UPI ट्रांजेक्शन पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू करने की खबरों को खारिज किया गया।
दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सरकार 3000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर MDR लगाने की योजना बना रही है ताकि बैंकों और पेमेंट सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स को आर्थिक सहायता दी जा सके। लेकिन वित्त मंत्रालय ने इन खबरों को भ्रामक और गलत करार देते हुए साफ किया कि ऐसी कोई योजना नहीं है।
पिछले साल की सबसे बड़ी गिरावट
पिछले साल फरवरी के बाद यह पेटीएम के शेयरों में एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि UPI पर MDR से जुड़ा कोई भी फैसला पेटीएम के लिए अहम है। फर्म ने बताया कि उनका एडजस्टेड EBITDA अनुमान बाजार की सहमति से ऊपर है और FY24 के स्तर (2 बेसिस प्वाइंट) पर लौट सकता है।
ब्रोकरेज फर्म्स की राय
UBS ब्रोकरेज फर्म ने पेटीएम के शेयर को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है और इसका ₹1000 का टारगेट प्राइस तय किया है। UBS ने यह भी कहा कि अगर MDR लागू करने में देरी होती है या यह योजना शुरू नहीं होती, तो यह पेटीएम के लिए नकारात्मक संकेत हो सकता है। फिलहाल, पेटीएम का शेयर 7.45% की गिरावट के साथ ₹888.90 पर ट्रेड कर रहा है।