सकती। निकटवर्ती ग्राम सकरेली कलां में विशाल दशहरा मेला का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शाम को प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान के भव्य जुलूस के बाद रावण के पुतले का आतिशबाजी के साथ दहन किया गया।
मुख्य अतिथि श्याम सुंदर अग्रवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सक्ती ने कहा कि रावण बुराई का प्रतीक है, इसका दहन असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है। विशिष्ट अतिथियों में रोशन लाल पटेल, नूतन पटेल और जगन्नाथ सिदार ने अपने उद्बोधन में रावण दहन के आध्यात्मिक और नैतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
रावण दहन के बाद कोरबा से आए लोक कला मंच के अशोक सम्राट ने छत्तीसगढ़ी गीतों और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति दी, जिससे दर्शक देर रात तक मंत्रमुग्ध होकर कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।
