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कोरबा :- जनता अपने क्षेत्र की विकास के लिए पंच सरपंच से लेकर विधायक सांसद का चुनाव करती है ताकि अच्छे से क्षेत्र की आमजन को मूलभूत सुविधाएं और क्षेत्र की चहूँमुखी विकास हो सके, लेकिन निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और व्यक्तिगत महत्वकांक्षा के कारण आवश्यकता अनुरूप क्षेत्र का विकास नहीं हो पाता है!
एक ऐसा ही मामला कोरबा जिला के कोयलांचल क्षेत्र हरदीबाजार से प्रकाश में आया है यहाँ बुद्धिजीवियों खासकर पूर्व विधायक बोधराम कंवर द्वारा क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम्य भारती विद्यापीठ महाविद्यालय हरदीबाजार का शुभारंभ वर्ष 1983 में किया गया क्षेत्र के हजारों छात्र छात्राओं ने यहाँ अध्ययन कर के उच्च शिक्षा प्राप्त किये हैं छत्तीसगढ़ शासन प्रशासन द्वारा इस महाविद्यालय को वर्ष 2013 में शासकीयकरण कर दिया गया और सैकड़ों छात्र छात्राऐं हर साल यहाँ पढाई करते हैं!
जमीन को एसईसीएल गेवरा दीपका ने कर लिया है अर्जन…
एसईसीएल गेवरा दीपका ने खदान के विस्तार के लिए कई गांवों की जमीन का अर्जन किया गया है जिसमें हरदीबाजार महाविद्यालय की भी जमीन शामिल है एसईसीएल द्वारा अर्जित जमीन का मौजा प्रदान कर दिया है और महाविद्यालय को दूसरे जगह शिफ्ट होना था लेकिन राजनीतिक उठापटक के कारण अभी तक महाविद्यालय का भवन बन नहीं पाया है जिसका खामयाजा अध्ययनरत छात्र छात्राओं को उठाना पड़ रहा है!
ग्रामीणों ने विधायक प्रेमचंद पटेल पर लगाए गंभीर आरोप…
ग्रामीणों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने वर्तमान क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया की शासन प्रशासन द्वारा शासकीय महाविद्यालय हरदीबाजार के लिए ढ़िढ़ोलभाठां में भूमि आबंटन करते हुए भवन बनाने के लिए ठेका आबंटित कर दिया गया था और ठेकेदार द्वारा काम शुरू करने के लिए लेआउट लेकर स्टोर रुम का निर्माण भी कर लिया था लेकिन एक साल पूर्व विधानसभा चुनाव कटघोरा से प्रेमचंद पटेल विधायक निर्वाचित हो गये और विधायक बनते ही जिला प्रशासन और ठेकेदार पर दबाव बनाते हुए महाविद्यालय के भवन निर्माण के काम को रोकवा दिया हरदीबाजार के ग्रामीणों का कहना है विधायक महोदय महाविद्यालय भवन को अपने गृह ग्राम रेलडबरी उतरदा में बनवाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी जिसकी भनक क्षेत्रीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को हुई तो उनके द्वारा इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर कर दिया गया है जो विचाराधीन है!
हरदीबाजार महाविद्यालय में नरईबोध, भिलाईबाजार, बाता, बिरदा, कोरबी धतुरा, बुड़गहन, रेकी नोनर्बिरा, रामपुर, सिल्ली, बोईदा, मुरली, उतरदा क्षेत्र के सैकड़ों छात्र छात्रा पढ़ाई करने आते हैं जिनके लिए हरदीबाजार क्षेत्र मध्य में पड़ता है अगर महाविद्यालय भवन उतरदा में बनता है तो छात्र छात्राओं को दस से पन्द्रह किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा और विधायक प्रेमचंद पटेल के महत्वाकांक्षा के कारण छात्र छात्राओं का भविष्य के अधर में लटका हुआ है जब तक उच्च न्यायालय का फैसला नहीं आयेगा तब तक महाविद्यालय भवन का निर्माण संभव दिखाई नहीं पड़ रहा है!