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जगदलपुर, 19 दिसम्बर 2025/ शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र जगदलपुर के विद्यार्थियों के लिए किताबी ज्ञान को व्यावहारिक धरातल पर उतारने के उद्देश्य से एक विशेष एग्रो-इंडस्ट्रियल अटैचमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव रावे कार्यक्रम के तहत आयोजित इस शैक्षणिक दौरे में छात्रों ने कक्षा से बाहर निकलकर खेतों, प्रसंस्करण इकाइयों और विभिन्न कृषि संस्थानों की कार्यप्रणाली को समझा। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आरएस नेताम के निर्देशों पर डॉ. नीता मिश्रा, इंजीनियर गंगाधर और डॉ. रेशमा के मार्गदर्शन में छात्रों के दल ने बस्तर जिले के प्रमुख कृषि एवं औद्योगिक केंद्रों का गहन अध्ययन किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्रों ने कृषि और उससे जुड़े उद्योगों की विस्तृत श्रृंखला का अवलोकन किया। यात्रा के दौरान छात्रों ने बस्तर डेयरी फार्म, वेटरनरी पॉलिटेक्निक कॉलेज और पॉल्ट्री फार्म का दौरा कर पशुपालन और दुग्ध उत्पादन की आधुनिक तकनीकों को देखा। इसके साथ ही, उन्होंने जिला रेशम विभाग की टसर सिल्क इकाई में रेशम उत्पादन, भारत एंटरप्राइज एनिमल फीड प्रोसेसिंग प्लांट में पशु आहार निर्माण और इंद्रावती कोल्ड स्टोरेज में भंडारण की व्यवस्था को बारीकी से समझा। डोंगाघाट शासकीय रोपनी, बंशी राइस मिल, परचनपाल स्थित शासकीय सुकर फार्म, बालेंगा फिश फार्म और कोकामुण्डा स्थित बीज निगम जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर जाकर छात्रों ने उत्पादन से लेकर विपणन तक की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य छात्रों में उद्यमिता कौशल विकसित करना और उन्हें भविष्य में आजीविका के लिए उपलब्ध विविध आयामों से परिचित कराना था। भ्रमण के दौरान छात्रों ने विभिन्न विषय विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया। छात्रों ने स्वीकार किया कि इस व्यावहारिक अनुभव से उन्हें अपने करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता ने विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन में सहयोग देने वाले सभी शासकीय एवं गैर-शासकीय संस्थानों के प्रभारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में भी छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी संस्थाएं इसी प्रकार एकजुट होकर कार्य करती रहेंगी।