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छत्तीसगढ़ रायपुर. धान उपार्जन केंद्रों में राइस मिलरों की मनमानी का मामला सामने आ रही है आपको बता दें इन दिनों पूरे प्रदेश में धान खरीदी जोरो पर है और खरीदी के बाद धान का उठाव राइस मिलरों के द्वारा किया जाना सुनिश्चित है जिसके लिए राइस मिलरों को मात्रा के हिसाब से उठाव करने के लिए DO काटा जाता है जिसका समय का निर्धारण भी होता है उठाओ नहीं होने की स्थिति में 5000 का पेनल्टी तो लगाया जाता है लेकिन पेनल्टी देने के बाद उसे फिर से रिनिवल कर दिया जाता है लेकिन पेनल्टी का डर राइस मिलरों को नहीं है।
यही कारण है कि राइस मिलों के द्वारा समय पर उठाव नहीं किया जा रहा है जिससे खरीदी केंद्रों में अनुपात से अधिक धान भंडार हो गया है।
राइस मिलरों की इस मनमानी के कारण संरक्षण के अभाव में हजारो क्विंटल धान के खराब होने के आसार बढ़ गए हैं।
धान का उठाव नहीं होने के कारण समिति के कर्मचारियों को धान खरीदी में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है । खरीदी केंद्रों में उठाव समय पर नहीं होने के कारण जगह कंजस्टेड होने से धान तो बेचने वाले किसानों की समस्या बढ़ गई है। कोरबा जिला सहित सक्ति और जांजगीर चाम्पा जिले के अधिकांश मंडियों में यही हाल है जिसके कारण अव्यवस्था बनी हुई है।
अधिकारियों के चाहिए कि समय पर धान का उठा हो ताकि संरक्षण के अभाव से होने वाले नुकसान से बचा जा सके और किसानों को हर तरह के असुविधा से राहत मिल सके।