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रायपुर। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई वीबी – जी राम जी योजना को लेकर देश के मुख्य विपक्षी दल कॉंग्रेस द्वारा किये जा रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी के आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक मनीष पारख ने अपना वक्तव्य जारी कर कहा कि कांग्रेस के पास आज कोई मुद्दा नहीं रह गया है, इसलिए वह लोक कल्याण तथा ग्रामीण विकास को सुनिश्चित करने वाली योजनाओं का विरोध करके अपनी राजनीतिक कुण्ठा का प्रदर्शन कर रही है। जबकि मुद्दों की कंगाली से जूझ रही कांग्रेस के नेताओं को मोदी सरकार की जनहितकारी योजनाओं को लेकर जनता को बरगलाने के बजाय कांग्रेस बचाओ अभियान चलाने में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए।
वीबी – जी राम जी योजना के लाभ बताते हुए प्रदेश सह संयोजक मनीष पारख ने आगे कहा कि यह योजना ऐतिहासिक, क्रांतिकारी और लोक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, मजदूरों के लिए समर्पित व प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ नए रुप में अब पूर्ववर्ती मनरेगा योजना का स्थान लेगी।
प्रदेश सह संयोजक मनीष पारख ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी। इस कानून का प्राथमिक उद्देश्य गरीब, किसान और मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की वार्षिक आय में बड़ी वृद्धि सुनिश्चित होगी। मजदूरों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इसमें यह प्रावधान किया गया है कि अब मजदूरी का भुगतान मात्र 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यदि भुगतान में किसी भी प्रकार का विलंब होता है, तो मजदूर को मुआवजे के रूप में अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। इससे श्रमिकों के आर्थिक अधिकारों की रक्षा होगी और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक पारख ने कहा कि किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अब खेती के प्रमुख सीजन, जैसे फसल की बुवाई और कटाई के दौरान, राज्य सरकार इस योजना के तहत होने वाले कार्यों को 60 दिनों के लिए स्थगित कर सकेगी। इससे किसानों को खेती के कार्यों के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध हो सकेंगे और राज्य का कृषि उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। विकसित भारत जी-राम जी अधिनियम के माध्यम से गाँवों में जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, जलवायु सुरक्षा और कौशल विकास जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित कार्य किए जाएंगे। इसमें पीएम गति शक्ति योजना के सिद्धांतों को भी शामिल किया गया है ताकि सड़क, पानी और अन्य बुनियादी ढांचागत निर्माण कार्यों में बेहतर तालमेल बिठाया जा सके और सरकारी संसाधनों की बर्बादी को रोका जा सके। इस अधिनियम से फर्जी मस्टर रोल और मशीनों के अवैध उपयोग जैसी शिकायतों पर लगाम लगेगी। यह योजना न केवल गाँवों से होने वाले पलायन को रोकेगी बल्कि महिला स्व-सहायता समूहों को भी रोजगार के नए अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी।