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कोरबा। आत्महत्या की धमकी देकर अचानक गायब हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (DSPM) में कार्यरत कर्मचारी गोपालदास के लौटने से हड़कंप मच गया है। गोपालदास ने गायब होने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उसने दो महिला सहकर्मियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद परिजन सदमे में थे और पुलिस उसे ढूंढने में जुटी हुई थी।
क्या है पूरा मामला?
गोपालदास ने सुसाइड नोट में लिखा था कि वह आत्महत्या करेगा और इसके लिए शिफ्ट वाली मैडम और जनरल वाली मैडम जिम्मेदार होंगी। यह नोट मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने गहन तलाश अभियान शुरू किया।
48 घंटे की अनिश्चितता के बाद वापसी
दो दिन तक छानबीन के बाद अचानक गोपालदास जिंदा वापस लौट आया। उसकी वापसी ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं – आखिर वह गया कहां था? क्या यह वाकई उत्पीड़न का मामला है या फिर कोई साजिश?
पुलिस कर रही कड़ी पूछताछ
पुलिस ने गोपालदास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अभी तक वह अपनी गायब होने की असल वजह स्पष्ट नहीं कर पाया है। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
सीएसपी भूषण एक्का का बयान:
“यह मामला जितना सीधा लग रहा था, उतना है नहीं। हम हर एंगल से इसकी जांच कर रहे हैं। अगर उत्पीड़न के आरोप सही पाए गए तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं, अगर यह झूठी कहानी साबित होती है, तो उस पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।”