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सक्ती जिले के मालखरौदा तहसील अंतर्गत ग्राम आमनदुला की रहने वाली आदिवासी महिला श्रीमती राधिका सीदार जिनके पति स्व: संतोष सीदार की मृत्यु दिनांक 03/08/2025 को हो गया है। पति के मृत्यु के बाद बेबस आदिवासी महिला पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है, पति का साया सर से छूटने के बाद बेचारी चार नाबालिक बेटियों को लेकर दर दर भटक रही है। जिनके नाम लगभग 8 एकड़ कृषि भूमि है जिसमें मात्र डेढ़ एकड़ जमीन धान खरीदी पोर्टल में दर्ज है और बाकी जमीन में धान नहीं बेच सकती और उसी जमीन के आधार पर पति के जीते जी एक लाख का कर्जा संबंधित जिला सहकारी बैंक से लिया गया है, जो बेबस आदिवासी महिला की नींद चैन सब छीन ली है।
बेबस आदिवासी महिला की इस दुख की घड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता लालू गबेल ने एक बार फिर जिम्मेदारों पर कड़वी प्रहार करते हुए कहा कि खुद को गरीबों का मसीहा कहने वाले आम जनता का हमदर्द बनने वाले आखिर आज कहा है सामाजिक कार्यकर्ता श्री गबेल ने सवाल किया है कि इसका जिम्मेदार कौन है जवाब दे, आज स्थानीय स्तर की व्यवस्था को बिगाड़ने वाले स्थानीय जिम्मेदार प्रशासन और जनप्रतिनिधि नेतागण किसी प्रकार पहल क्यों नहीं कर रहे, क्यों किसी बेबस किसानों की पीड़ा को ऊपर तक नहीं पहुंचा रहे।
अपने समस्या को लेकर पीड़ित आदिवासी महिला ने आखरी उम्मीद के साथ मालखरौदा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को आवेदन दी है।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी किस कदर निभा पा रहे हैं।