Thursday, January 22, 2026

स्पाइन सर्जरी विशेषज्ञ डॉक्टर विमल अग्रवाल फेलोशिप के लिए जाएंगे जर्मनी, दुनिया की सबसे बड़ी स्पाइन संस्था में फेलोशिप के लिए चुने गए डॉ विमल अग्रवाल

Must Read

सक्ति- विश्व की सबसे बड़ी स्पाइन संस्था ए ओ स्पाइन की फेलोशिप के लिए ग्राम-किरारी जिला सक्ती के सुपुत्र एवं काशी स्पाइन हॉस्पिटल रायपुर के संस्थापक डॉ. विमल अग्रवाल छत्तीसगढ़ का चयन हुआ है, एवं डॉ विमल अग्रवाल उपरोक्त प्रशिक्षण के लिए जर्मनी यूरोप जाएगे, छत्तीसगढ़ की मिट्टी एक बार फिर गौरवान्वित हुई है। शक्ति जिले के ग्राम पंचायत किरारी में में जन्मे और हिंदी माध्यम स्कूल से पढ़ाई शुरु करने वाले डॉ. विमल अग्रवाल ने वह कर दिखाया है, जिसकी कल्पना भी कठिन लगती थी। उन्हें दुनिया की सबसे बड़ी स्पाइन संस्था AO Spine की प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए चुना गया है। इस फेलोशिप में पूरे भारत से केवल कुछ ही चुनिंदा सर्जनों का चयन होता है, और उनमें छत्तीसगढ़ के डॉ. अग्रवाल का नाम शामिल होना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। इस फेलोशिप के अंतर्गत वे जल्द ही जर्मनी (यूरोप) जाकर विश्व की अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करें

शिक्षा और संघर्ष की कहानी

डॉ. विमल अग्रवाल ने अपनी शिक्षा का सफ़र अनेक चुनौतियों के बावजूद जारी रखा। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई एनकेपी साल्वे मेडिकल कॉलेज नागपुर से की, डिप्लोमा ऑर्थोपेडिक्स पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर से एम.एस. ऑर्थोपेडिक्स जेएसएस मेडिकल कॉलेज मैसूरु से, एफ.एन.बी. स्पाइन सर्जरी सर गंगाराम हॉस्पिटल, नई दिल्ली से की, डॉ विमल अग्रवाल ने साधारण ग्रामीण परिवेश और सीमित साधनों से उठकर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया

काशी स्पाइन हॉस्पिटल – प्रदेश का गौरव

अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद डॉ. अग्रवाल ने रायपुर में काशी स्पाइन हॉस्पिटल की स्थापना की मध्य भारत का पहला एक्सक्लूसिव स्पाइन हॉस्पिटल। अब तक हज़ारों मरीजों को परामर्श और सैकड़ों जटिल स्पाइन सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। यह प्रदेश का एकमात्र हॉस्पिटल है जहाँ एडवांस्ड स्पाइनल नेविगेशन सिस्टम जैसी अंतरराष्ट्रीय तकनीक उपलब्ध है। यहाँ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं

AO Spine फैलोशिप एक ऐतिहासिक अवसर

AO Spine फैलोशिप पूरी दुनिया के लिए स्पाइन सर्जरी का सर्वोच्च प्रशिक्षण मंच है। इसमें चयन होना किसी भी सर्जन के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। डॉ. अग्रवाल अब जर्मनी (यूरोप) जाकर रोबोटिक स्पाइन सर्जरी, नेविगेशन आधारित सर्जरी, स्पाइन एंडोस्कोपी, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन तकनीकका गहन प्रशिक्षण लेंगे। जर्मनी तकनीक के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में गिना जाता है। वहाँ की एडवांस्ड स्पाइन टेक्नोलॉजी को सीखकर डॉ. अग्रवाल इसे सीधे छत्तीसगढ़ के मरीजों तक पहुँचाएँगे। इससे भविष्य में प्रदेश के मरीजों को और भी अत्याधुनिक व विश्वस्तरीय उपचार अपने ही राज्य में उपलब्ध होगा

डॉ. विमल अग्रवाल ने अपने इस चयन पर कहा है कि मैं गाँव किरारी की उस मिट्टी से निकला हूँ, जहाँ से मैंने संघर्ष करना और सपने देखना सीखा। सीमित साधनों और साधारण परिवेश में -बढ़ा, लेकिन मेरे माता-पिता, गुरुजनों और इस मिट्टी की पला-बढ़ा, सीख ने मुझे आगे बढ़ने की ताकत दी। AO Spine जैसी दुनिया की सबसे बड़ी संस्था की प्रतिष्ठित फेलोशिप में मेरा चयन मेरे लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मेरे गाँव, जिला सक्ती और पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान है। यह सिद्ध करता है कि अगर जज्बा और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी सपना बड़ा नहीं होता। मेरा संकल्प है कि प्रदेश के मरीजों को अब दिल्ली, मुंबई या विदेश जाने की ज़रूरत न पड़े। वे यहीं छत्तीसगढ़ की धरती पर, अपने ही रायपुर में विश्वस्तरीय इलाज पाएँगे। यही मेरे जीवन का उद्देश्य और सबसे बड़ी साधना है

डॉ विमल अग्रवाल रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता विजय अग्रवाल के दामाद हैं, तथा श्री अग्रोहा सेवा संघ चंद्रपुर परिक्षेत्र के ऊर्जावान पूर्व अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत किरारी डभरा के पूर्व सरपंच संतोष अग्रवाल के सुपुत्र हैं

    Latest News

    Heartbreaking Incident In CG : बंदर ने मां की गोद से 15 दिन की मासूम छीनी, कुएं में फेंका; डायपर की वजह से बची...

    जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के सिवनी गांव में एक बेहद हृदयविदारक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने...

    More Articles Like This