कोरबा। कुसमुण्डा क्षेत्र में श्रमिक संगठन के भीतर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) ने संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में क्षेत्रीय अध्यक्ष बृजलाल पनिका को पद से मुक्त कर संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
यह जानकारी क्षेत्रीय सचिव अजीत सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। उन्होंने बताया कि कुसमुण्डा क्षेत्र की कार्यकारिणी की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बृजलाल पनिका पर लगातार संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने, मजदूर हितों की अनदेखी करने और व्यक्तिगत स्वार्थ को प्राथमिकता देने के आरोप लगे थे। संगठन का कहना है कि उनके कार्यों के कारण पिछले 6–7 महीनों से कार्यकर्ताओं को कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा था।
बताया गया कि इससे पहले भी उन्हें जेसीसी के कार्यभार से मुक्त किया जा चुका था। साथ ही, 12 फरवरी 2026 को केन्द्र सरकार के श्रम कोड के विरोध में एआईटीयूसी (AITUC) के राष्ट्रव्यापी हड़ताल आह्वान में क्षेत्रीय अध्यक्ष होने के बावजूद उनकी कोई सक्रिय भागीदारी नहीं रही और संगठन के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
संगठन ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों में भ्रम फैलाने और बिना जानकारी पत्राचार करने जैसी कई गतिविधियां सामने आईं, जिसके बाद कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने का फैसला लिया।
संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) ने स्पष्ट किया कि मजदूर संघर्ष को कमजोर करने वाले व्यक्तियों के लिए संगठन में कोई स्थान नहीं है। संगठन ने यह भी कहा कि कुसमुण्डा क्षेत्र में एटक को और मजबूत किया जाएगा और श्रमिक हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
